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टेक्स्ट मैसेज बताएगा कि कितना सेक्स भरा है आपके दिमाग में?

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टेक्स्ट मैसेज बताएगा कि कितना सेक्स भरा है आपके दिमाग में? मेसेज या टेक्स्ट करना आजकल डेटिंग कल्चर का कॉमन हिस्सा बन चुका है। जहां रिलेशनशिप में पहले इमोशंस से भरे लव लेटर्स या गुलाब के फूल होते थे वहीं आजकल का रोमांस मेसेज और इमोजी के सहारे फल-फूल रहा है। न्यूयॉर्क की पेस यूनिवर्सिटी ने 18 से 29 साल के 205 अमेरिकी लोगों पर सर्वे किया जो कि रिलेशनशिप में थे। हर हिस्सा लेने वाले से उनके मेसेज करने से जुड़ी आदतों और व्वहार के बारे में पूछा गया। इसमें उनसे मेसेज की फ्रीक्वेंसी, उनका मेसेज करने का तरीका, या वे किस तरह के मेसेज करते हैं, इन सबके बारे में जानकारी ली गई।

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जवाब देने वालों ने स्टैंडर्ड सर्वे में भी हिस्सा लिया जिसमें उनका अटैचमेंट स्टाइल और वे रिश्ते में कितने खुश हैं, इस बात को भी जांचा गया। शोधकर्ता इस नतीजे पर निकले कि मेसेज करने की आदतो में समानता का रिश्ते में संतुष्टि से सीधा गहरा संबंध है।हालांकि मेसेज की अहमियत को खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि एक ताजा शोध में भी यह बात सामने आई है कि जिन कपल्स में मैसेज करने की एक जैसी आदतें होती हैं वे अपने रिलेशन में ज्यादा संतुष्ट रहते हैं।

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हालांकि सर्वे में हिस्सा लेने वाली ज्यादातर महिलाएं थीं (74%) इसलिए शोधकर्ताओं का मानना है कि ये नतीजे जरूरी नहीं है कि पुरुषों पर भी लागू हों बल्कि यह कहा जा सकता है कि महिलाएं टेक्सटिंग कंपैटिबिलिटी को ज्यादा अहमियत देती हैं। सायकॉलजिस्ट का कहना है कि इस बारे में और रिसर्च की जानी जरूरी हैं।आजकल रोमांस की शुरुआत अमूमन मेसेज से ही होती है और बस एक मेसेज के जरिए किसी की पोल खुल सकती है। अगर यह सब जानकारी पाकर आप मेसेज न करने की ठानकर दूसरा रास्ता तलाश रहे हैं तो जरा सोचिए, टेक्नॉलजी की दुनिया से बचकर आप कहां जाएंगे।

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