You are here
Home > अपराध > बाढ़ राहत कोष से पैसा दिलाने के एवज में महिला के साथ किया गैंगरेप!

बाढ़ राहत कोष से पैसा दिलाने के एवज में महिला के साथ किया गैंगरेप!

बाढ़ राहत कोष

बाढ़ राहत कोष से पैसा दिलाने के एवज में महिला के साथ किया गैंगरेप! बिहार के सुपौल में एक महिला के साथ गैंगरेप का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। घटना सुपौल नदी थाना क्षेत्र स्थित सिसौनी गांव की है। घटना को लेकर पीड़िता ने सुपौल कोर्ट के आदेश के बाद थाना में सिसौनी पंचायत के वर्तमान पैक्स अध्यक्ष मसूद आलम सहित 4 लोगों को नामजद के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोप के मुताबिक गत 22 नवंबर को सिसौनी पंचायत के मुखिया निजामुद्दीन के घर पर बाढ़ राहत कोष से राशि उपलब्ध कराने के लिए ओम प्रकाश महतो की पत्नी तोली देवी(काल्पनिक नाम) को बुलाया गया था।

इसे भी पढ़िए:   लिव इन में छोटी उम्र के युवक के साथ रहना पड़ा भारी, युवक ने जमकर की मनमानी

परिवाद पत्र के आलोक में सुपौल कोर्ट ने सुपौल नदी थाना की पुलिस को संबंधित कांड के आलोक में मामला दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद सुपौल नदी थाना में 1 जनवरी 2018 को प्राथमिकी दर्ज की गई। प्राथमिकी के आलोक में पुलिस ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस मामले में नामजद सभी आरोपी फरार बताये जा रहे हैं। सुपौल नदी थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अलोक में 4 नामजद के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है।

इसे भी पढ़िए:   जेठ और उसके दोस्त ने किया बहू का सामूहिक रेप, मामला दर्ज

इसी बीच रहस्यमयी तरीके से महिला को घर में जबरन बंद कर दिया गया और उसके साथ वर्तमान पैक्स अध्यक्ष मसूद आलम, अखिलेश्वर महतो, रामचंद्र महतो एवं राजकुमार महतो ने महिला के साथ काफी देर तक सामूहिक दुष्कर्म किया।घटना के वक्त आरोपितों के द्वारा पीड़िता को धमकी दी गई कि अगर इस बारे में किसी के समक्ष कहा तो उसके पति और पुत्र की हत्या कर दी जायेगी। बहरहाल पीड़िता कुछ दिनों तक इस मामले को दबाए रखी और रोजगार के उद्देश्य से अन्य प्रदेश में रह रहे अपने पति को घर बुलाई।

इसे भी पढ़िए:   किशोरी के मरने के बाद भी हैवान उसकी लाश के साथ करते रहे गैंगरेप!

इसी बीच पीड़िता ने घटना की जानकारी सिसौनी पंचायत के मुखिया को दी। मुखिया ने मामले को दबाने के लिए पीड़िता पर दवाब बनाया। पीड़िता ने मुखिया पर यह भी आरोप लगाया है कि मुखिया ने उससे प्रलोभन स्वरुप कहा कि तुम्हे जो मवेशी पालन-पोषण के लिए दे रखे हैं, वह तुम्हारा हो जायेगा। किसी तरह इस मामले को नजरअंदाज कर दो, लेकिन पीड़िता को लगा कि मुखिया के द्वारा उन्हें न्याय मिलना संभव नही है, लिहाजा पीड़िता सुपौल व्यव्यहार न्यायालय पहुंची और वहां एक परिवाद पत्र दाखिल किया गया।

Top