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पॉक्सो एक्ट और पोस्को ई बॉक्स पर टीचर्स को दी जा रही है क्लास

पॉक्सो एक्ट

पॉक्सो एक्ट और पोस्को ई बॉक्स पर टीचर्स को दी जा रही है क्लास, दिल्ली कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट (डीसीपीसीआर) और नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट के साथ मिलकर पहली बार एक कवायद शुरू की है। जिसमें स्कूल में बच्चों के साथ बढ़ रहीं यौन हिंसा को देखते हुए अब प्रधानाचार्यों और अध्यापकों को पॉक्सो एक्ट और पॉस्को ई-बॉक्स के बारे में सिखाया जा रहा है। इसकी शुरुआत मंगलवार को ग्लोबल स्कूल, रोहिणी में हुई। राजधानी में इसकी शुरुआत होने की वजह द्वारका के एक स्कूल के अंदर चार साल की मासूम के साथ छेड़खानी रही है, जहां उसके साथ चार साल के बच्चे पर छेड़खानी का आरोप लगा था। इसी को देखते हुए इसकी शुरुआत हुई है।

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डीसीपीसीआर की सदस्य ज्योति राठी ने बताया कि मंगलवार को पहले दिन स्कूल के अध्यापकों और प्रधानाचार्यों को पॉक्सो एक्ट के बारे में समझाया गया। हिन्दुतान से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि मासूम बच्चों के साथ यौन हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, सबसे हैरानी की बात तब होती है जब ऐसा करने वाले, बच्चे के पिता, चाचा, भाई या परिवार के सदस्य ही उसके साथ ऐसा करते हैं। यही सबसे चिंताजनक है।

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उन्होंने इसके अलावा पॉक्सों की धारा 21 के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर किसी गुरुकुल, स्कूल, आश्रम में अपराध बच्चों के साथ होता है। इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं करता है तो उसे खिलाफ भी केस दर्ज होगा। उन्होंने बताया कि साल कमीशन के पास 190 केस आये थे। इनमें 107 बंद हो चुके हैं। यह केस तो बंद हो गये हैं, लेकिन इन मासूमों के साथ जो दिक्कत हुई है वह उन्हें लंबे अर्से तक झेलनी होगी।  अपने तरह की पहली इस वर्कशाप में पहले दिन 200 से ज्यादा स्कूल के प्रधानाचार्य और अध्यापकों ने हिस्सा लिया।

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उन्होंने बताया कि कई बार इस तरह की घटनाओं की रिपोर्टिंग नहीं हो पाती है। यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को बच्चों के लिए दोस्ताना रवैया अपनाना चाहिए। पॉक्सो के अंतर्गत होने वाली घटनाओं पर गंभीर रहना चाहिए। स्कूल के अंदर जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो यह काफी हैरान करता है, पहले दिन स्कूल के प्रधानाचार्यों को बताया गया कि वह अपने भावों को कैसे बच्चों के सामने व्यक्त करें। उनसे इस तरह की घटनाओं के बारे में कैसे बात करें, साथ ही पॉस्को ई बॉक्स में अपनी शिकायत कैसें करें।

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