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MeToo कैंपेन का असर, दफ्तर में महिला सहकर्मी से फ्लर्ट करने की हिम्मत घटी!

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MeToo कैंपेन का असर, दफ्तर में महिला सहकर्मी से फ्लर्ट करने की हिम्मत घटी! रिलेशनशिप ऐक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल वैलेंटाइन्स डे पर MeToo का अच्छा खासा असर दिखेगा। लंबे समय से लोगों के बीच आम हो चुके ऑफिस अफेयर्स में कमी आ गई है। ऑफिस अफेयर्स अक्सर शादी के मुहाने तक पहुंचते हैं लेकिन अब हालात कुछ बदले-बदले से हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरीका में ऑफिस रोमांस का बात कुबूलने वाले लोगों की संख्या कम हुई है। वहीं कुछ महिला ऐक्टिविस्ट्स का कहना है कि बदलाव और ऑफिस में अनचाहे बर्ताव को लेकर जीरो टॉलरेंस तक पहुंचने में अभी और समय लगेगा। उनका मानना है कि इस आंदोलन से लोगों में प्यार के लिए जरूरी, सीधे संवाद को बढ़ावा मिला है।

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MeToo आंदोलन के बाद ऑफिस रोमांस में अच्छी-खासी कमी आई है। नामी लोगों पर लगे उत्पीड़न के आरोपों के कारण ऑफिस में अब कोई इतनी आसनी से फ्लर्ट नहीं करता है। लोग अब ध्यान में रखते हैं कि उनके ऐसे बर्ताव में सामने वाले की सहमति हो। उन्हें अपनी फीलिंग्स के बारे में अब खुलकर बोलना होता है। फूल या कार्ड्स जैसी रोमांटिक चीजें देना भी अब उत्पीड़न की तरह ही लिया जा सकता है।

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अपनी किताब में ‘यस मीन्स यस’ (हां मतलब हां) लिखने वाली लेखक फ्रीडमन का कहना है कि जब हम अपने पार्टनर के साथ जो बर्ताव करते हैं, उसके बारे में सोचना शुरू कर देंगे तो यह आपसी प्यार और विश्वास को बढ़ावा ही देगा। बता दें #MeToo आंदोलन के जरिए दुनिया भर की महिलाओं ने सोशल मीडिया के जरिए अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के अनुभव को दुनिया के सामने रखा था। इस आंदोलन में मनोरंजन, राजनीति, बिजनस और अन्य क्षेत्र के कई बड़े लोग एक्सपोज हुए हैं और उन्हें अपने उच्च पदों से हाथ धोना पड़ा है। जाहिर है कि लोग अब अपने दफ्तर में किसी महिला सहकर्मी के साथ फ्लर्ट करने से भी डरने लगे हैं जो कहीं ना कहीं बेहतर शुरुआत है।

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