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काम के जुनूनी लोगों को ज्यादा होती है सेक्स की दिक्कत, टूट जाते हैं रिश्ते

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काम के जुनूनी लोगों को ज्यादा होती है सेक्स की दिक्कत, टूट जाते हैं रिश्ते, पति-पत्नी के बीच अलग-अलग परिस्थितियो पर आधारित मामले स्त्री व पुरुष के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कमजोरियो पर आधारित है। रिश्तो मे दरार का कारण अब मारपीट, दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा तक ही सीमित नही रह गया है बल्कि नपुंसकता और संबंधो मे संतुष्टि न होना भी बड़ा कारण बनता जा रहा है। बीते वर्षो मे ऐसे कई मामले सामने आए लेकिन मौजूदा समय मे इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। मनोवैज्ञानिक इसके पीछे बड़ा कारण मानसिक तनाव, नशेबाजी और नकारात्मक सोच को मानते है जबकि अधिवक्ता यौन संबंधो को लेकर कुंठा और जानकारी के अभाव को बड़ी वजह बताते है।

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इस समस्या से पीडि़त लोगो की रिश्तेदार और दोस्त लगातार काउंसिलिंग करे।जीवन साथी द्वारा दिलाया गया आत्मविश्र्वास समस्या से उबारने मे मदद करता है। उचित महौल, बेहतर खानपान और संयमित जीवन की शुरुआत करे। किसी भी तरह के नशे से बचे। काम का दबाव कम करे और पूरी नीद ले। इंटरनेट पर कई तरह की साइट ने लोगो मे कुंठा पैदा कर दी है। जानकारी के अभाव मे गलत कदम से लोग परेशान हो रहे है। नई पीढ़ी को यौन शिक्षा देने की जरूरत है। परिजनो को चाहिए कि बच्चो से हर विषय पर खुलकर बात करे। उनकी सोच और समस्या को तवज्जो देगे तो इन समस्याओ मे कमी आएगी।

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परिवारिक अदालतो मे करीब सात हजार से ज्यादा मुकदमे लंबित है। इनके बीच करीब दो फीसद मामले ऐसे लंबित है जिनकी वजह नपुंसकता, समलैगिकता या यौन संबंधो मे संतुष्टि न होना है। ऐसे करीब डेढ़ दर्जन मामलो मे तलाक भी हो चुके है। स्त्री या पुरुष किसी मे भी दो तरह से समस्या उत्पन्न हो सकती है। पहली शारीरिक (फिजिकल) समस्या हारमोन से जुड़ी होती है जो मेडिकल साइंस मे फिलहाल लाइलाज है। इनकी संख्या बहुत कम होती है, जबकि दूसरी समस्या मनोवैज्ञानिक है जो वर्तमान परिवेश मे हर चौथे व्यक्ति मे देखने को मिल रही है।

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