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समलैंगिकों को इन देशों में दी जाती है मौत की सज़ा, जानिए कौन से देश हैं वो?

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समलैंगिकों को इन देशों में दी जाती है मौत की सज़ा, जानिए कौन से देश हैं वो? समलैंगिकों के संबंध अपराध के दायरे से बाहर किए जाए या नहीं, इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट फिर से विचार करेगी। लेकिन आज से 9 साल पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट ने समलैंगिकों के संबंध को कानूनी कर दिया था। तब हाईकोर्ट ने कहा था कि प्राइवेट स्पेस में एडल्ट के बीच सेक्शुअल एक्ट को अपराध करार देना, संविधान के आर्टिकल 21, 14 और 15 का उल्लंघन है।

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लेकिन 2009 में दिल्ली हाईकोर्ट के समलैंगिकों संबंध को कानूनी करार देने के बाद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी। 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया था और समलैंगिकों के संबंध को दोबारा अपराध करार दिया। आपको बता दें कि LGBT (लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर) के संबंधों को दुनिया के कई देश पहले ही मान्यता दे चुके हैं। हालांकि, ज्यादातर जगहों पर इसको लेकर लंबे वक्त तक प्रदर्शन हुए और कानून बदलने की मांग हुई।

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भारत में भी कई बार एलजीबीटी समुदाय के लोगों ने कानून में बदलाव की मांग की है। दिल्ली में इसको लेकर कई बार प्रदर्शन हुए हैं। अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में सेम सेक्स मैरेज को कानूनी करार दिया था। इससे पहले देश में इस पर रोक थी। इससे पहले आयरलैंड ऐसा करने वाला दुनिया का सबसे पहला देश बना था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 74 देशों में सेम सेक्स पर बैन है, वहीं 13 देश ऐसे हैं जहां सेम सेक्स को लेकर मौत तक की सजा दी जा सकती है। इसमें सुडान, ईरान, सऊदी अरब, यमन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान भी शामिल हैं।

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जाहिर है कि अभी भी पूरे विश्व में समलैंगिकों को लेकर मतभेद की स्थिति है। कहीं इसे नॉर्मल समझ कर स्वीकार किया जा रहा है तो कहीं समलैंगिक रिश्ते में रहने वालें लोगों के लिए मौत की सज़ा का प्रावधान है। देखना होगा कि पूरी दुनिया समलैंगिक रिश्ते को कबतक वैध मानती है।

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