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एचआईवी से सेक्स करना होगा सुरक्षित, नई दवा की खोज!

एचआईवी

एचआईवी से सेक्स करना होगा सुरक्षित, नई दवा की खोज! एच आई वी से लड़ाई में यह खोज बड़ी कामयाबी साबित हो सकती है। एक ऐसी दवा तैयार कर ली गई है, जिसे रोजाना खाने से एचआईवी पॉजिटिव शख्स से सेक्स करने के बावजूद एड्स नहीं होगा। इस रिसर्च से अफ्रीका में एड्स के खतरे की सबसे ज्यादा आने वाले लोगों के लिए राहत की खबर हो सकती है। दुनिया में सबसे अधिक एचआईवी संक्रमित लोग दक्षिण अफ्रीका में है। लगभग हर 10 में से एक व्यक्ति एड्स के साथ जी रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकारी स्वास्थ्य विभाग वहां कई रंगों और सुगंध वाले मुफ्त कंडोम बंटवाते हैं।

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बेटन ने कहा कि यह रिसर्च ऐसे लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगी जिनका पार्टनर एच आई वी पॉजिटिव है और वे बच्चे पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि सालभर का प्रि-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस का खर्च 100 डॉलर तक होगा। बेटन कहते हैं कि जोड़ों के लिए यह काफी अहम चीज है। उन्होंने कहा, “ऐसी चीजों को कपल्स बहुत अहमियत देते हैं क्योंकि उनके लिए परिवार बनाना और रिश्ते कायम रखना बहुत जरूरी होता है।”

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वैसे यह दवा पहले से ही अमेरिका में इस्तेमाल हो रही है। ऐसे लोग जिन्हें एड्स का खतरा ज्यादा होता है, मसलन समलैंगिक इस दवा का काफी इस्तेमाल कर रहे हैं। बेटन कहते हैं कि इस वजह से सैन फ्रैंसिस्को में एच आई वी की दर घटी है। यहां काफी संख्या में समलैंगिक रहते हैं। दुनिया भर के डॉक्टर तीन दशक से ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस यानी एचआईवी के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। इन सालों में तीन करोड़ से अधिक लोग एड्स के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं।

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केन्या और दक्षिण अफ्रीका समेत दुनिया में अभी सिर्फ सात ऐसे देश हैं जिन्होंने इस दवा को मंजूरी दी है। इंटरनेशनल एड्स सोसाइटी के अध्यक्ष क्रिस बेयरर ने बताया, “अब हमारा ध्यान इस बात पर होगा कि इस दवा को कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाए। हम उम्मीद कर रहे हैं कि दुनिया में अब इस दवा की उपलब्धता का युग शुरू होगा।” केन्या ने तो ऐलान किया है कि यह दवा ऐसे लोगों को मुफ्त उपलब्ध होगी जिनका पार्टनर एचआईवी पॉजिटिव है या जिन्हें एड्स होने का खतरा औरों से ज्यादा है, जैसे कि समलैंगिक।

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सके अलावा, जो लोग पहले से ही एचआईवी पॉजिटिव हैं उन्हें ऐंटिवायरलथेरेपी मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। देश में जिन नए लोगों को एचआईवी पॉजिटिव संक्रमण होता है उनमें से 44 फीसदी शादीशुदा होते हैं और उन्हें अपने एचआईवी पॉजिटिव जीवनसाथी के साथ संबंध बनाने की वजह से ही संक्रमण होता है। केन्या में 15 लाख एचआईवी संक्रमित लोग हैं।

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केन्या और युगांडा के एक हजार से ज्यादा जोड़ों ने इस रिसर्च में हिस्सा लिया। दो साल तक चली इस परियोजना में हिस्सा लेने वाले एचआईवी पॉजिटिव पार्टनर्स ने दवा ली। इस दवा को ऐंटिवायरल थेरेपी कहा जा रहा है। एचआईवी नेगेटिव पार्टनर ने प्रि-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस की डोज ली। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में काम करने वाले और इस प्रोजेक्ट के मुख्य शोधकर्ता जैरेड बेटन ने बताया, “इस समूह से एचआईवी का पूरी तरह सफाया हो गया। ऐसे 95 फीसदी मामले थे जिनमें हमें लगा था कि एचआईवी हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”

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दक्षिण अफ्रीका के डरबन में हुई इंटरनेशनल एड्स कॉन्फ्रेंस के दौरान इस रिसर्च के नतीजों का ऐलान किया गया। दक्षिण अफ्रीका में दुनिया के सबसे ज्यादा ऐसे लोग रहते हैं जो एचआईवी के साथ जी रहे हैं। यहां इनकी तादाद 68 लाख है। पूरी दुनिया में तीन करोड़ 67 लाख एचआईवी पॉजिटिव लोग हैं।

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