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अश्लील ख्यालों से कैसे बचें, जानिए कुछ अचूक तरीके

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अश्लील ख्यालों से कैसे बचें, जानिए कुछ अचूक तरीके, इंसान की सोच पर किसी का जोर नहीं चलता है। कब और कैसे हमारे दिमाग में कैसी सोच आ जाए इसपर नियंत्रण पाना असंभव है। लेकिन हां वह सोच अगर हमें परेशान करने लगे तो इससे बाहर आने की कोशिश जरुर की जा सकती है। ठीक ऐसी ही परेशानी होती है दिमाग में बार-बार ‘सेक्सुअल विचारों’ का आना। ऐसी परिस्थिति कभी कभार आए तो फिर भी हम खुद पर काबू पा लेते हैं लेकिन इसका बार-बार होना हमारे लिए तनाव को बढ़ाता है। ऐसे में हमें इस परेशानी से जल्द से जल्द बाहर आने के तरीके खोजने चाहिए। हम यहां बताने जा रहे हैं कि अश्लील ख्यालातों के दिमाग पर हावी होने पर क्या करें और क्या नहीं, ताकि आप इस परिस्थिति से बाहर आ सकें। 

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दिमाग में अश्लील ख्याल आना किसी के वश में नहीं होता है। साइंस भी इस बात को मानता है कि हमारे दिमाग की तरंगें और हॉर्मोन के बदलने के कारण दिमाग में बार-बार अश्लील ख्यालात आते हैं। सेक्सुअल बातों के बारे में सोचना, पार्टनर के साथ प्यार भरे लम्हों के बारे में सोचना, संभोग संबंधी ख्यालों को मन में लाना, ये कुछ ऐसी बातें हैं जो हमारा ध्यान भटकाती हैं और हम किसी अन्य बात पर फोकस नहीं कर पाते हैं। अश्लील ख्यालातों का बार-बार दिमाग में आना और फिर उसका समाधान ना मिल पाना एक प्रकार के तनाव को पैदा करता है। इसलिए सबसे पहले इस तनाव का कारण खोजें, मसलन आपकी सेक्सुअल लाइफ अधूरी है या पार्टनर से असंतुष्ट हैं। यह जानने के बाद ही आप इससे बाहर आने का उपाय खोज पाएंगे। अगर ये प्रॉब्लम बहुत ज्यादा बढ़ने लगे तो किसी दोस्त, काउंसलर या डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। अपनी बात सांझा करने से आप इस समस्या से जल्दी बाहर आ सकते हैं।

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अगर आपको लगे कि असंतुष्ट सेक्स लाइफ के चलते ही आपके साथ ऐसा हो रहा है तो इसके बारे में अपने पार्टनर को बताएं। संभव है कि आप दोनों मिलकर ही इसका समाधान खोज पाएं। पूजा, पाठ, अध्यात्म से जुड़ने पर आप इस तरह के तनाव से बाहर आ सकते हैं। कुछ लोग मंदिर जाते हैं तो कुछ मैडिटेशन का भी सहारा लेते हैं। इसके अलावा किसी आध्यात्मिक गुरु या मार्गदर्शक की भी सलाह ले सकते हैं। जब भी ऐसा कोई ख्याल दिमाग में आए और आप उससे बाहर आने में असमर्थ हो रहे हों तो तुरंत वह स्थान बदल दें जहां आप बैठे हैं। घर पर हो या ऑफिस, तुरंत उठकर किसी खुली जगह पर चले जाएं। और अगर उठाकर बाहर जाना संभव ना हो तो अपना पसंदीदा म्यूजिक सुनकर दिमाग भटकाने की कोशिश करें। ऐसी बातों के हावी होने पर एक पेन और पेपर उठाएं और टू-डू लिस्ट बनाएं। कितने बजे आप क्या-क्या करेंगे उसके सूची बनाएं और फिर काम पर लग जाएं। इससे आपका ध्यान अश्लील ख्यालातों से हटकर  दूसरे कामों में लगेगा।

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जब भी लगे कि आपके मन में ऐसे ख्याल आ रहे हैं जो आपको परेशान कर सकते हैं तो खुद को किसी ना किसी काम में व्यस्त कर लें। ऐसे में साफ-सफाई करना सबसे अच्छा ऑप्शन होता है। एक बात हमेशा ध्यान में रखें, जब भी ऐसे अश्लील ख्याल दिमाग में आएं तो पॉर्न देखने का विचार ना बनाएं। कई लोग यह सोचते हैं कि पॉर्न देखने के बाद वे उस स्तर पर पहुंच जाएंगे जिसकी उन्हें उस समय जरुरत होती है और आखिरकार एक समय के बाद उससे बाहर आ जाएंगे। संभव है कि ऐसा हो भी, लेकिन आपका पॉर्न देखना धीरे-धीरे आपके दिमाग पर निगेटिव असर डालता है। अश्लील ख्यालों के बहुत बढ़ जाने पर कुछ पुरुष ‘हस्तमैथुन’ का भी सहारा लेते हैं। ऐसा करने से बचें क्योंकि इस एक चीज को आदत बना लेना दिमाग पर बुरा प्रभाव बना सकता है। किसी परिस्थिति में अपने मूड को लाइट बनाने के लिए लोग अल्कोहल, स्मोकिंग या अन्य मादक पदार्थों का सहारा भी लेते हैं। लेकिन अश्लील ख्यालातों के आने पर ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। ऐसी परिस्थिति व्यक्ति को असाधारण शारीरिक संबंधो की ओर भी ले जा सकती है। अश्लील ख्यालातों से बचने के लिए एक्सरसाइज या योग का सहारा लें। मैडिटेशन भी एक अच्छा माध्यम है दिमाग को शांत रखने का।

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