You are here
Home > दुनिया > सेक्स बदल गया तो भी बाप रहोगे मां नहीं बन जाओगे!

सेक्स बदल गया तो भी बाप रहोगे मां नहीं बन जाओगे!

सेक्स

सेक्स बदल गया तो भी बाप रहोगे मां नहीं बन जाओगे! जर्मनी की सर्वोच्च अदालत ने एक ट्रांससेक्सुअल महिला के मां होने के दावे को खारिज कर दिया है। महिला का कहना था कि उसे सेक्स चेंज कराने से पहले फ्रीज किए गए स्पर्म से जन्मे बच्चे की मां माना जाए। रजिस्ट्रार ऑफिस ने स्पर्म देने वाले व्यक्ति को बच्चे की मां के तौर पर रजिस्टर करने से मना कर दिया। संघीय अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया, “मौजूदा वंशावली कानून से ट्रांससेक्सुअल व्यक्ति के बुनियादी अधिकारियों का हनन नहीं होता है जो उसे उसके पूर्व लिंग के आधार पर कानूनी तौर पर पैरेंट का दर्जा देता है।”

इसे भी पढ़िए:   अमेरिकी राष्ट्रपति और सेक्स स्कैंडल्स, जानिए पूरी कहानी

संघीय अदालत ने कहा कि जिसके स्पर्म से बच्चे का जन्म हुआ है, उसका नाम बच्चे के पिता के तौर पर दर्ज हो सकता है, मां के तौर पर नहीं। ऐसा फैसला निचली अदालत ने भी सुनाया था जिसके खिलाफ यह महिला संघीय अदालत में गई। इस महिला ने 2012 में अपना सेक्स चेंज कराया और उसके तीन साल बाद उसकी पार्टनर ने एक बच्चे को जन्म दिया। इस बच्चे का जन्म अदालत पहुंची ट्रांससेक्सुएल महिला के फ्रीज किए गए स्पर्म को अंडाणु के साथ निषेचित करके हुआ।

इसे भी पढ़िए:   मिस बम बम रोजी ओलिवेरा ने छेड़छाड़ करने वाले को जड़ा तमाचा, नशा उतार दिया

आपको बता दें कि सिंगापुर में भारतीय मूल का एक शख्स यहां एक जुर्म के अपराध में बेंत मारने की सजा से इसलिए बच गया क्योंकि उसने अपना सेक्स चेंज करवा लिया था। 21 साल का कवि राज तमारसेलवन अब बेनिता है और सजा के लिए उसे महिला जेल में भेजा गया है। द स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अपने एक कर्जदार की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और उसे प्रताडि़त करने के जुर्म में बेनिता को 14 महीने की सजा दी गई है।

इसे भी पढ़िए:   पत्नी आर्गेस्ज़म के चक्कर में चबा गई पति का अंडकोष! चौंकाने वाली खबर

गौरतलब है कि सिंगापुर में इस तरह के किसी अपराध के लिए पुरुषों को आमतौर पर तीन से छह बेंत मारने की सजा दी जाती, लेकिन बेनिता को सेक्स चेंज कराने का फायदा मिल गया। जुर्म करने से छह महीने पहले ही उसने थाइलैंड में अपना सेक्स चेंज कराया था। सजा सुनाते वक्त जज ने भी कहा कि बेनिता अब महिला है इसलिए उसे बेंत मारने की सजा नहीं दी जा सकती है।

Top