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5 लड़कियों से दिल्ली में रोज़ होता है बलात्कार, दिल्ली पुलिस के आंकड़े

5 लड़कियों

5 लड़कियों से दिल्ली में रोज़ होता है बलात्कार, दिल्ली पुलिस के आंकड़े , देश की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को चलती हुई बस में हुए सामूहिक बलात्कार और हत्या ने पूरे देश को हिला दिया था। अनगिनत विरोध प्रदर्शनों और सोशल मीडिया पर उबाल के बाद देश में महिलाओं के संग हिंसा पर लगाम लगाने के लिए नया कड़ा कानून बना। लेकिन ढाक के तीन पात। आंकड़ों के लिहाज़ से दिल्ली में रेप की वारदातों में बेशक मामूली कमी आई हो, लेकिन दिल्ली में अब भी हर रोज कम से कम 5 लड़कियां के साथ बलात्कार हो ही जाता है।

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जी हां, हर रोज कम से कम 5 लड़कियों के साथ। और ये हम नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस के आंकड़े कह रहे हैं, जो उसने इस साल की एनुअल प्रेस कांफ्रेंस में ये कहते हुए जारी की है कि अब दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो दिल्ली में रोज़ कम से कम 5 लड़कियों से बलात्कार होता है। हैरानी की बात ये है कि रेप के 96 फ़ीसदी घटनाओं में जानकार ही गुनहगार होते हैं। यही वजह है कि रेपिस्ट में सबसे ज़्यादा तादाद ‘फैमिली फ्रेंड्स’ की है।

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इसके मुताबिक फब्तियां कसने के मामलों में कमी दर्ज की गई। 2016 में 894 मामले दर्ज किए गए थे जबकि पिछले साल 621 मामले दर्ज किए गए। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सारे कदम उठाए गए हैं। वहीं, हत्या के 45 फीसदी से अधिक मामले निजी रंजिश को लेकर थे। इन मामलों में 18 फीसदी से अधिक खूनखराबा नाई की दुकान में बालों में कंघी करने, सोने की जगह को लेकर, गोलप्पा परोसने सहित अन्य छोटे मोटे कारणों को लेकर हुआ।

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कहने को कह सकते हैं कि 2016 के मुकाबले 2017 में रेप, शील भंग और छेड़छाड़ यानी महिलाओं के खिलाफ़ होने वाले जुर्म के मामलों में कमी आई है। लेकिन सच्चाई तो ये है कि पिछले दो सालों में रेप के सिर्फ़ 15 मामले ही कम हुए हैं। 2016 में दिल्ली में 2 हज़ार 64 रेप की वारदातें हुई। जबकि 2017 में 2 हज़ार 49 लड़कियां रेप का शिकार बनीं। ठीक इसी तरह 2016 में शील भंग के 4 हज़ार 35 मामले थे। जबकि पिछले साल उससे कम 3 हज़ार 2 सौ मामले दर्ज हुए2016 में छेड़छाड़ के 894 मामले दर्ज किए गए थे। जबकि पिछले साल छेड़छाड़ के 621 मामले सामने आए हैं।

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रेप के मामलों का ट्रेंड वही पहले की तरह ही ख़तरनाक है। ख़तरनाक यानी दिल्ली में जितनी लड़कियों या महिलाओं के साथ भी रेप की वारदात होती है, उनमें से 96 फ़ीसदी मामलों में बलात्कारी लड़कियों के जानकार होते हैं, जबकि सिर्फ़ 4 फ़ीसदी लड़कियां अजनबियों का शिकार बनती हैं। दिल्ली पुलिस की मानें तो दिल्ली में सबसे ज़्यादा 38 फीसदी रेप फैमिली फ्रेंड करते हैं। इसके बाद 19 फ़ीसदी के साथ पड़ोसियों का नंबर आता है। लड़कियों की आबरू लूटने में रिश्तेदार भी पीछे नहीं हैं। 14 फीसदी रेप वही करते हैं। जबकि 4 फ़ीसदी सहकर्मी बलात्कारी निकलते हैं। इस तरह 20 फ़ीसदी बलात्कारी लड़कियों के जानकार होते हैं।

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महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील कमेंट करने के मामलों में गिरावट देखी गई है। 2017 में  621 मामले सामने आए थे। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सारे कदम उठाए गए हैं। इनका यह भी कहना है कि महिलाओं के शोषण के मामले में 19.08 प्रतिशत पड़ोसी और 14.20 मामलों में रिश्तेदार ही करते हैं।

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