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सेक्स करके पैसे कमाती हैं फिर भरती हैं स्कूल की फीस, लड़कियों में नया चलन

सेक्स

सेक्स अब लड़कियों के लिए आम हो गया है। पश्चिमी देशों में ये चलन हो गया है कि जिन लड़कियों के पास स्कूल की फीस देने के पैसे नहीं हैं वो अपना जिस्म बेच कर फीस के पैसे इकट्ठा कर लेती हैं। ब्रिटेन हो या फिर जर्मनी या फिर पश्चिमी अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया। इन जगहों पर सर्वे करवाया गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पैसे के लिए कॉलेज या स्कूल की लड़कियां किसी के साथ सेक्स करने से परहेज नहीं करती हैं।

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ब्रिटेन में पढ़ाई की फीस भरने के लिए लड़कियां करती हैं सेक्स!

हाल ही में ब्रिटेन में वाली छात्राओं को लेकर एक सर्वे कराया गया है। इस सर्वे में सामने आया है कि यहां पढऩे वाली बड़ी संख्या में छात्राएं अपनी आवश्यकताओं को पूरी करने के लिए वेश्यावृत्ति के धंधे में शामिल हो रही हैं। इस सर्वे में 67 फीसद से भी अधिक छात्राओं ने माना है कि उन्होंने खाने, रहने आदि जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए यौन संबंध बनाए। वहीं, 53 फीसद छात्राओं का कहना है कि वह कमरे का किराया देने के लिए इस गंदे काम को कर रहीं हैं।

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सर्वे में 20 से लेकर 25 वर्ष की छात्राओं को शामिल किया गया है। ये सभी छात्राएं ग्रेजुएशन या पोस्ट- ग्रेजुएशन कर रही हैं और ज्यादातर हॉस्टल में रहती हैं। इन छात्राओं से यौन जीवन व यौन संबंध से जुड़े तमाम मुद्दों पर राय ली गई है। करीब 35 फीसद छात्राओं ने माना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय की फीस भरने के लिए वेश्यावृत्ति का सहारा लिया और पैसे कमाए। जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि ब्रिटेन के कानून के अनुसार वेश्यावृत्ति गैरकानूनी नहीं है। कोई भी युवती व युवक सहमति से यौन संबंध बना सकते हैं।

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जर्मनी में फीस भरने के लिए लड़कियां रात में पैसे लेकर करती हैं सेक्स

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में विश्वविद्यालय के छात्र पढ़ाई-लिखाई का खर्च पूरा करने के लिए वेश्यावृत्ति को आमदनी का सही साधन मानते हैं। बर्लिन अध्ययन केन्द्रों का सर्वेक्षण करने के बाद यह बात सामने आई कि बर्लिन में विश्वविद्यालय के हर तीन छात्रों में एक छात्र ऐसा होता है जो पढ़ने-लिखने का खर्च पूरा करने के लिए वेश्यावृत्ति को अच्छा जरिया मानता है।

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पेरिस और कीव से अगर बर्लिन की तुलना की जाए तो पढ़ाई के खर्च का इंतजाम करने के लिए वेश्यावृत्ति अपनाने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा है। पेरिस में यह आंकड़ा 29.2 प्रतिशत है जबकि कीव में 18.5 प्रतिशत छात्र पढ़ाई के लिए आर्थिक प्रबंध का जरिया वेश्यावृत्ति को मानते हैं। बर्लिन के 3200 छात्रों का सर्वेक्षण करने पर उनमें से चार प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने किसी न किसी तरीके से सेक्स में हिस्सा लिया है। इनमें से कइयों ने कहा कि या तो वे वेश्यावृत्ति का धंधा करते हैं या कामोत्तेजक नृत्य अथवा इंटरनेट शो आदि में भाग लेते हैं।

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वेश्यावृत्ति पर अध्ययन करने वाले लेखक इसके नतीजे जानकार हतप्रभ रह गए। उन्होंने कहा कि छात्र वेश्यावृत्ति के बारे में अक्सर कई बार सुना गया मगर उन्हें इस संबध में खास जानकारी नहीं थी कि शिक्षा के लिए भी वेश्यावृत्ति की जाती है। एक विश्वविद्यालय की 26 वर्षीय छात्रा ईवा बलुमेंसचेइन ने बताया कि अच्छा खासा पैसा मिलने के कारण छात्र वेश्यावृत्ति का रास्ता अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार होने के कारण छात्रों पर काम का भार बढ़ गया है। उनकी फीस में भी काफी वृद्धि हुई है जिसकी वजह से छात्रों के पास पैसा कमाने के लिए वक्त नहीं है और नतीजतन वे वेश्यावृत्ति कर रहे हैं। अध्ययन के अनुसार वेश्यावृत्ति में लगे 30 प्रतिशत छात्रों पर कर्ज है। इनमें से 18 प्रतिशत का कहना है कि जो कर्ज के बोझ से लदे हैं वे सेक्स वर्क को आमदनी का साधन मानते हैं। 

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सिएरा लियोन में बच्चियां सेक्स करके भर रही हैं स्कूल की फीस

पश्चिमी अफ्रीकी देश सिएरा लियोन में की बच्चियां अपनी जिंदगी में एक नई समस्या से जूझ रही हैं। आपको जानकारी के लिए बतादेंकि यह नाबालिग लड़कियां वेश्यावृत्ति का धंधा करने पर मजबूर हैं। इन नाबालिग छात्राओं के पास पढ़ाई की फीस तक जमा करने के पैसे नहीं हैं। ऐसे में उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। वो रात कई क्लाइंटस को ढढ़कर उनके साथ सेक्स करती हैं। और सेक्स से कमाए हुए पैसे से ये लड़कियां अपने स्कूल की फीस जमा करती हैं।

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डेली मेल के मुताबिक 17 साल की अमीनाता उन सैकड़ों लड़कियों में से एक है जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए वेश्यावृत्ति का धंधा करने पर मजबूर हैं। अमीनाता के परिवार ने यह कहते उसे स्कूल जाने से मना कर दिया था कि उसे पढ़ाने के लिए उनके पास नहीं है। इसके बाद अमीनाता ने भी यही रास्ता चुना। डेलीमेट में छपी रिपोर्ट के अनुसार किसी किसी रात वो 850 रूपए तक कमा लेती है लेकिन इसके बदले उसे तीन क्लाइंटस के साथ रात गुजारनी पड़ती है। इन पैसों को इस्तेमाल वो अपनी स्कूल की फीस जमा करने, किताबें खरीदने और स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने में करती है।

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बाद जब उसके परिवार वालों को पता चला कि वेश्यावृत्ति के कारण वो गर्भवती हो चुकी है तो उसके घरवालों ने उसका स्कूल छुड़ा दिया। अमीनाता जैसी लड़कियों की सहायता के लिए स्ट्रीट चाइल्ड ऑर्गेनाइजेशन ने  गर्ल्स स्पीक आउट नाम से एक अभियान चला रही है। इस कैम्पेन के तहत करीब 20000 नाबालिग बच्चियों के लिए 10 करोड़ रुपए एकत्र किए जाएंगे। आपको जानकारी के लिए बतादें कि अफ्रीका के सबसे गरीब देशों में से सिएरा लियोन एक है। यहां स्कूलों की वार्षिक फीस कुल 3700 रूपए है लेकिन कई पारिवार ऐसे हैं जो यह फीस देने में भी सक्षम नहीं हैं।

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ऑस्ट्रेलिया में स्टूडेंट वीज़ा लेकर लड़कियां कर रही हैं वेश्यावृत्ति

ऑस्ट्रेलिया में पढा़ई के लिए आने वाली विदेशी छात्राओं से जुड़ी एक काली हकीकत सामने आई है। यहां स्टूडेंट वीजा लेकर आने वाली कई छात्राएं वेश्यावृत्ति के धंधे में कूद गई हैं। महत्वपूर्ण बात ये है कि इनमें से अधिकांश एशियाई हैं और एक हफ्ते में 10 हजार डॉलर तक कमा रही हैं। सेक्स वेबसाइटों पर दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, चीन, जापान सरीखे देशों से आई नई लड़कियों का प्रोफाइल देकर प्रचार किया जा रहा है।

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एशियाई मूल के लोगों का इस घटना में नाम सामने आने के बाद फॉरेन स्टूडेंट प्रोग्राम के तहत धन लेकर धोखे से वीजा देने वाले अफसर संदेह के घेरे में हैं। बताया जा रहा है कि एक वीजा देने के एवज में अफसरों द्वारा 8000 डॉलर वसूले जाते हैं। इस पेशे में शामिल काफी एशियाई महिलाएं ऐसी भी हैं जो पेशे से ही सेक्सवर्कर हैं और ऑस्ट्रेलिया केवल इसलिए आती हैं ताकि अपने परिवार को अधिक धन भेज सकें। इस पेशे में एशियाई सेक्स वर्कर 2 हजार से 10 हजार डॉलर तक कमा लेती हैं।

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‘द डेली टेलीग्राफ’ को एक एशियाई महिला ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई छोड़कर 12 घंटे की शिफ्ट में सेक्स वर्कर का काम कर रही है। उसके स्थान पर उसकी साथी सेक्स वर्कर वो पढ़ाई कर रही है जिसमें उसने एडमिशन लिया था। ऑस्ट्रेलिया में स्टूडेंट वीजा धारी को पढ़ाई के दौरान एक हफ्ते में 20 घंटे काम करने की इजाजत होती है। छुट्टियों में यह समय सीमा असीमित होती है। लेकिन दोनों ही परिस्थितियों में उन्हें उनके दाखिले के कोर्स को अटेंड जरूर करना होता है।

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