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सेक्स की टाइमिंग से तय कीजिए कि कब आपको गर्भ धारण करना है!

सेक्स की टाइमिंग

सेक्स की टाइमिंग से तय कीजिए कि कब आपको गर्भ धारण करना है! अगर आप अपना बच्चा प्लान कर रहे हैं तो केवल सेक्स करना ही नहीं, बल्कि ये जानना भी ज़रूरी है कि सेक्स कब किया जाए। इस बात को नज़रअंदाज करने से कई बार गर्भधारण करने में परेशानी भी आती है। यूं तो गर्भधारण न कर पाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के कारण हो सकते हैं। इन कारणों के पीछे अधिकतर ज्ञान और जानकारी का अभाव होता है।

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लेकिन इन सब कारणों के अतिरिक्‍त एक अन्‍य कारण भी होता है जिसका असर महिलाओं की गर्भधारण की क्षमता पर पड़ता है और वो कारण है सही समय पर सेक्‍स न करना। अधिकतर जोड़े इस बात से अंजान होते हैं कि गर्भधारण में सेक्स की टाइमिंग बहत मायने रखती है। गर्भधारण के लिए सेक्स का समय सुबह का होना चाहिए क्योंजकि सुबह के समय आप तरोताज़ा रहते हैं।

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पुरुष सिर्फ अपनी संतुष्टि का खयाल रखते हैं और अपनी पत्नी की कमोत्तेजना को तवज्जो। नहीं देते। ऐसी स्त्रियों को गर्भधारण करने में मुश्किलें आती हैं। अगर स्त्री सहवास के वक्त ओर्गास्म प्राप्त कर लेती है तो गर्भधारण की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है, क्योंगकि तब पुरुष के शुक्राणु को सही जगह जाने का समय और माहौल मिलता है तथा शुक्राणु ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। सेक्स की टाइमिंग भी यही कहती है।

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गर्भवती होने के लिए सिर्फ सहवास करना जरूरी नहीं होता बल्कि सही समय पर सहवास करना भी मायने रखता है। ये बात ध्यान देने योग्य है कि पुरुष के शुक्राणु हमेशा लगभग एक जैसे ही होते हैं, जो महिला को गर्भवती कर सकते हैं। लेकिन महिला का शरीर ऐसा नहीं होता जो कभी भी गर्भवती हो सके। उसका एक निश्चित समय होता है, एक छोटी सी अवधि होती है। यदि आप उस सेक्स की टाइमिंग को पहचान कर उस समय सहवास करते हैं तो गर्भधारण की संभावना आश्‍चर्यजनक रूप से बढ़ जाती है।

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मेंसुरेशन साइकिल या पीरियड्स के सात दिन बाद ओवुलेशन साइकिल शुरू होती है और ये पीरियड्स के शुरू होने से सात दिन पहले तक रहती है। ओवुलेशन पीरियड ही वो समय होता है जिसमें कि महिला गर्भधारण कर सकती है और इस स्‍थिति को फर्टाइन स्‍टेज भी कहते हैं। गर्भधारण के लिए जब भी सेक्‍स करें तो ओवुलेशन पीरियड में ही करें। यानी यही है सेक्स की टाइमिंग करेक्ट वाली।

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