You are here
Home > ज्योतिष > ब्रेस्ट कैंसर को जानिए ज्योतिष से, किसकी कुंडली में होता है ये योग!

ब्रेस्ट कैंसर को जानिए ज्योतिष से, किसकी कुंडली में होता है ये योग!

ब्रेस्ट कैंसर

ब्रेस्ट कैंसर को जानिए ज्योतिष से, किसकी कुंडली में होता है ये योग! जानिए कैसे ब्रेस्ट कैंसर के रूप में दुनिया के सामने एक बड़ी मुश्किल खड़ी है। हलांकि मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की की है और अब ये बीमारी ठीक हो जाती है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर ब्रेस्ट कैंसर होता क्यों है। इसका जवाब जब आप ज्योतिष से जानने की कोशिश करेंगे तो आपको आसानी होगी।

क्या स्तन कैंसर का कोई ज्योतिषीय कारण भी हो सकता है? विज्ञान इसे खारिज कर सकता है परंतु सदियों पुराने ज्योतिष शास्त्र में इस व्याधि की ओर भी संकेत किया गया है। कुंडली के कई योग बताते हैं कि अगर वे प्रभावशाली हो जाएं तो स्तन कैंसर जैसा रोग उत्पन्न हो सकता है। जानिए कारण और निवारण के बारे में।

यदि लग्नेश स्वस्थान से आठवें, छठे या बारहवें भाव में चला गया हो एवं लग्न के स्थान पर क्रूर ग्रह बैठे हों तो, चौथे स्थान का स्वामी शत्रु के घर में विराजमान हो और छठे का मालिक चौथे से संबंध बनाए तो संभव है कि उस महिला को स्तन संबंधी कोई बड़ा रोग हो जाए। उसे अपने खानपान पर पर्याप्त ध्यान देना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली की आदत डालते हुए योग, ध्यान, प्राणायाम आदि करने चाहिए। इससे वह इस संकट को टाल सकती है।

अगर महिला की कुंडली का लग्न कमजोर हो, उस पर क्रूर ग्रहों की दृष्टि हो अथवा वहां ऐसे ग्रह विराजमान हों जो शुभ फल देने में सक्षम न हों तो रोगी होने की आशंका प्रबल होती है। अगर उसके साथ ही छठा भाव भी श्रेष्ठ परिणाम न देने वाला हो, चंद्र की स्थिति प्रभावी न हो तो महिला को स्तन कैंसर हो सकता है।

अगर महिला की कुंडली में छठे या आठवें भाव में कोई क्रूर ग्रह स्थित हो तो उसे असाध्य रोग होने की आशंका होती है। वहीं चतुर्थ भाव में क्रर ग्रहों का योग सीने में दर्द एवं बड़े रोगों की ओर इशारा करता है। अगर समय रहते उनका इलाज नहीं कराया तो स्थिति बेकाबू हो सकती है।

इसे भी पढ़िए:   गर्लफ्रैंड का पैर देख कर जानिए कि अब तक कितने लोगों से उसने बनाए हैं संबंध!
Top