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ऑस्ट्रेलिया में पहली समलैंगिक शादी, ऑस्ट्रेलिया में नए युग की शुरुआत बताया गया

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया में पहली समलैंगिक शादी, ऑस्ट्रेलिया में नए युग की शुरुआत बताया गया , ऑस्ट्रेलिया में पहली समलैंगिक शादी शनिवार को संपन्न हुई। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया में एक नय युग की शुरुआत हुई। इस महीने ही देश की संसद ने समलैंगिक विवाह कानून को पारित किया था। इस एतिहासिक सुधारों को 8 दिसंबर को शाही अनुमति दे दी गई जबकि सितंबर में नेशनल पोस्टल वोट के जरिये इस प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी।

हालांकि दंपति को पंजीकृत शादी के लिए 30 दिनों तक इंतजार करना होगा और उम्मीद की जा रही थी कि पहली समलैंगिक शादी 9 जनवरी को संपन्न होगी। लेकिन कुछ परिस्थितियों में छूट की मांग की गई थी,  जिस वजह से एक समलैंगिक शादी सिडनी में और दूसरी मेलबर्न में संपन्न हो सकी। ऑस्ट्रेलिया की समान विवाह अधिकार कार्यालय के फेसबुक अकाउंट पर एमी और लाउरेन को धन्यवाद दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 31 वर्षीय लाउरेन प्राइस और 29 वर्षीय एमी लाकेर ने सिडनी में शादी की जबकि मेलबर्न दंपति ऐमी और एलिसे मैकडोनाल्ड भी शनिवार को ही विवाह बंधन में बधें। सनद रहे कि समलैंगिक शादी कानून को अब 20 से ज्यादा देशों में पहचान मिली है, जिनमें से 16 यूरोप में हैं।

वहीं आपको बता दें कि ताइवान एशिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जहां समलैंगिकों की शादी को मंजूरी दे दी गई है। ताइवान की सर्वोच्च अदालत ने समलैंगिकों के पक्ष में फैसला देते हुए कहा है कि एक ही लिंग के लोगों की शादी पर मौजूदा प्रतिबंध संविधान के खिलाफ है। अब संसद को नया कानून बनाना होगा। समलैंगिक समुदाय को उम्मीद है कि विधायिका अब मौजूदा कानून में बदलाव लाएगी। कानून के बनने के बाद समलैंगिक जोड़ों को गोद लेने, संपत्ति और दूसरे मामलों में समान अधिकार मिल सकते हैं। अदालत समलैंगिक संगठनों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

जर्मनी समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने वाला दुनिया का 23वां देश बन गया है। चांसलर एंजेला मर्केल द्वारा इससे संबंधित एक विधेयक को मंजूरी देने के बाद शुक्रवार को उसे जर्मनी की संसद ‘बुंडेसटाग’ ने पारित कर दिया। इस विधेयक के पक्ष में 393 मत, वहीं विरोध में 226 मत पड़े। यह विधेयक समलैंगिक जोड़े को बच्चे को गोद लेने का भी अधिकार देता है। मार्टिन शुल्ज ने ट्विटर पर लिखा, प्रगति संभव है। पृथ्वी पर 23वां देश, अब हमारे जर्मनी में समलैंगिक शादी को मान्यता मिल गई है। मैं विवाह करने जा रहे सभी जोड़ों के लिए खुश हूं। मार्टिन की सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी (एसपीडी) ने चांसलर एंजेला मार्केल के सोमवार को वोट कराने संबंधी निर्णय पर अपनी मुहर लगाई थी।

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दे दी गई है। गौरतलब है कि साल 2013 में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को बरकरार रखने का फैसला दिया था, जिसके बाद से भारत में समलैंगिकता अवैध है।

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